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Travel Shayari in Hindi – सफर पर शायरी जो दिल छू जाए

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“सफ़र में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो…”
गुलज़ार

safar me dhoop to hogi jo chal sako to chalo

“मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया…”
मजरूह सुल्तानपुरी

Main akela hi chala tha jaanib-e-manzil magar,
Log saath aate gaye aur kaarvaan banta gaya..."
— Majrooh Sultanpuri

🔷 1–10: सफ़र की गहराई

  1. “सफ़र की हद है वहां तक कि कुछ निशां रहे, चले चलो कि जहां तक ये आसमां रहे…”
    जावेद अख्तर
  2. “मंज़िल मिले या ना मिले ये तो मुक़द्दर की बात है, हम कोशिश भी ना करें ये तो ग़लत बात है…”
    बशीर बद्र
  3. “राह में मुश्किलें आएँ तो हौसला रखना, हर अंधेरी रात के बाद एक सवेरा ज़रूर आता है…”
    निदा फ़ाज़ली
  4. “हर एक सफ़र कुछ न कुछ सिखा देता है, चाहे मंज़िल मिले या न मिले…”
    वसीम बरेलवी
  5. “मंज़िलें क्या हैं, रास्तों से पूछो, चलते चलते कारवाँ बन जाते हैं…”
    अहमद फ़राज़
  6. “रास्ते तो बहुत हैं, मगर चलने का हुनर चाहिए…”
    राहत इन्दौरी
  7. “हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले…”
    मिर्ज़ा ग़ालिब
  8. “जहाँ तक रास्ते हैं वहाँ तक चलते रहो, फिर चाहे मंज़िल मिले या न मिले…”
    अनवर जलालपुरी
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🔷 11–20: अकेला सफ़र

“अकेले चलना अच्छा है, भीड़ अक्सर रास्ता भटकाती है…”
डॉ. बशीर बद्र

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  1. “सफ़र में अकेले हैं तो क्या हुआ, आसमान तो सबका है…”
    साहिर लुधियानवी
  2. “कभी सफ़र में अकेलापन भी ज़रूरी है, ताकि खुद से मिलने का वक़्त मिले…”
    जॉन एलिया
  3. “कुछ लोग साथ थे, फिर भी तन्हाई रही…”
    फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
  4. “हर सफ़र कुछ अपना ले जाता है, कुछ नया सिखा जाता है…”
    नुसरत फतह अली ख़ान
  5. “मैं सफ़र में हूँ और मेरा वजूद मेरी मंज़िल…”
    इब्ने इंशा
  6. “चल पड़ा हूँ अकेला, पर डर नहीं लगता, मंज़िल अपनी पहचान लेगी मुझे…”
    गुलज़ार
  7. “अजनबी शहर में कोई अपना सा लगता है…”
    शिवमंगल सिंह सुमन
  8. “रास्तों ने भी मुझसे पूछा, क्या ढूंढते हो? मैंने कहा – खुद को…”
    अनाम
  9. “हर सफ़र में तन्हाई ही साथी बनती है…”
    कैफ़ी आज़मी


🔷 21–30: मंज़िल और तलाश

“चलो कहीं दूर चलें, जहां कोई मंज़िल न हो…”
गुलज़ार

chalo kahin door chale jahan koi manjil na ho - majil par shayari
  1. “मंज़िलें मिल ही जाएँगी भटकते ही सही…”
    अमृता प्रीतम
  2. “कदम कदम पे है मंज़र नए, सफ़र है ज़िंदगी…”
    निदा फ़ाज़ली
  3. “तलाश मंज़िल की नहीं, रास्ते की होती है…”
    राहत इन्दौरी
  4. “हर मंज़िल का रास्ता होता है, बस चलने का जज़्बा चाहिए…”
    शिवानी
  5. “चल पड़े हैं तो रुकेंगे नहीं, चाहे मंज़िल कहीं भी हो…”
    वसीम बरेलवी
  6. “जिन्हें तलाश होती है उन्हें रास्ता मिल ही जाता है…”
    बशीर बद्र
  7. “मंज़िलें ख्वाब नहीं होतीं, उन्हें हकीकत बनाना पड़ता है…”
    फिराक गोरखपुरी
  8. “हर रास्ता कहीं न कहीं जाता है, बस नज़रिया चाहिए…”
    साहिर लुधियानवी
  9. “मंज़िल तो मिल ही जाएगी, भटकते भटकते सही…”
    अहमद फ़राज़

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🔷 31–40: जीवन = सफ़र

  1. “ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना…”
    हसरत जयपुरी
  2. “जीवन के इस सफ़र में हमें खुद ही रास्ता बनाना पड़ता है…”
    हरिवंश राय बच्चन
  3. “सफ़र है ये कैसा, जो हर मोड़ पे कुछ नया देता है…”
    अनाम
  4. “हर सफ़र, हर कहानी कुछ सिखा जाती है…”
    क़तील शिफ़ाई
  5. “कभी रुक के चलो तो सफ़र भी मुस्कुराता है…”
    गुलज़ार
  6. “ज़िंदगी की राहों में, हर मोड़ कुछ कहता है…”
    सुमित्रानंदन पंत
  7. “जीवन चलने का नाम है, ठहराव तो मृत्यु है…”
    रामधारी सिंह दिनकर
  8. “ज़िंदगी एक कारवाँ है, सफ़र जारी रहना चाहिए…”
    दुष्यंत कुमार
  9. “रास्तों की ठोकरें ही असली गुरु हैं…”
    महादेवी वर्मा
  10. “हर सफ़र में कोई कहानी छुपी होती है…”
    अनाम

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🔷 41–50: रोमांच, प्राकृतिक यात्रा और प्रेरणा

  1. “पहाड़ों की ठंडी हवा, सफ़र को और भी खास बना देती है…”
    अज्ञेय
  2. “झीलों का सुकून और जंगलों की खामोशी, सफ़र का असली स्वाद हैं…”
    रवीन्द्रनाथ टैगोर
  3. “सैर कर दुनिया की गाफ़िल, ज़िंदगी फिर कहाँ…”
    इक़बाल
  4. “कभी समंदर, कभी रेगिस्तान – हर जगह एक नई सीख…”
    इमरान प्रतापगढ़ी

“उड़ने दो परिंदों को अभी खुली फिज़ाओं में…”
शायर अनाम

"उड़ने दो परिंदों को अभी खुली फिज़ाओं में…"
— शायर अनाम
  1. “जंगल, झरने, पहाड़ – ये सब हमें खुद से जोड़ते हैं…”
    गुलज़ार
  2. “सड़कें कभी झूठ नहीं बोलतीं, बस चलना होता है…”
    राहुल सांकृत्यायन
  3. “हर यात्रा आत्मा का विस्तार करती है…”
    ओशो
  4. “सफ़र में खो जाना भी एक कला है…”
    मिर्ज़ा ग़ालिब
  5. “सफर भी ज़रूरी है और मुसाफ़िर भी, तभी तो मंज़िलों की अहमियत है…”
    राहत इन्दौरी

अगर आपको शायरी लिखना, पढ़ना और महसूस करना पसंद है, तो यह किताब आपके शब्दों में और गहराई जोड़ देगी।
इसमें मोहब्बत, सफ़र, ज़िंदगी और एहसासात से भरी शायरियाँ हैं — जो आपको नए अंदाज़ में सोचने और लिखने की प्रेरणा देती हैं।

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