प्रयागराज (Allahabad) — भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शहरों में से एक है, जहाँ आस्था, इतिहास और संस्कृति तीन पवित्र नदियों — गंगा, यमुना और सरस्वती — के संगम पर एक साथ मिलती हैं।
यह शहर कुंभ मेला, त्रिवेणी संगम, और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है।
अगर आप तीर्थयात्रा, हेरिटेज टूरिज्म या फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो प्रयागराज आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
🕉️ प्रयागराज के बारे में
प्रयागराज उत्तर प्रदेश के केंद्र में बसा हुआ शहर है और इसे “तीनों नदियों का संगम स्थल” कहा जाता है। इसका उल्लेख वेदों और महाभारत जैसे ग्रंथों में मिलता है।
यहां हर कदम पर आपको इतिहास, अध्यात्म और भारतीय परंपरा का संगम देखने को मिलेगा।
प्रयागराज घूमने का सबसे अच्छा समय:
- अक्टूबर से मार्च (ठंडा और सुहावना मौसम)
- माघ मेला या कुंभ मेला के दौरान (आध्यात्मिक अनुभव के लिए)
कैसे पहुंचे:
- नजदीकी एयरपोर्ट: प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली)
- रेलवे स्टेशन: प्रयागराज जंक्शन
- आदर्श ट्रिप अवधि: 2 से 3 दिन
🌅 1. त्रिवेणी संगम – गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन
प्रयागराज का सबसे पवित्र स्थल है त्रिवेणी संगम, जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती नदी मिलती हैं। यहाँ स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।
यहाँ क्या करें:
- नाव की सवारी करें
- सुबह और शाम की गंगा आरती देखें
- कुंभ मेला या माघ मेला के दौरान दर्शन करें
टिप: सूर्योदय के समय संगम पर नाव की सवारी का अनुभव अद्भुत होता है।

🏰 2. इलाहाबाद किला – मुगल स्थापत्य का अद्भुत नमूना
1583 में सम्राट अकबर द्वारा निर्मित, यह किला यमुना नदी के किनारे स्थित है।
किले के अंदर देखने योग्य स्थल हैं – अशोक स्तंभ, सरस्वती कूप, और पातालपुरी मंदिर, जो जमीन के नीचे बना हुआ है।
समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक
प्रवेश शुल्क: ₹25 (भारतीय), ₹300 (विदेशी)

🏠 3. आनंद भवन – नेहरू परिवार का ऐतिहासिक निवास
आनंद भवन इतिहास प्रेमियों के लिए प्रयागराज की सबसे खास जगहों में से एक है। यह पंडित नेहरू परिवार का घर था और स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र रहा।
अब यह एक सुंदर म्यूजियम के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ नेहरू और इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ी वस्तुएं और तस्वीरें प्रदर्शित हैं।
समय: 9:30 AM – 5 PM (सोमवार बंद)
प्रवेश शुल्क: ₹20

🏛️ 4. इलाहाबाद म्यूजियम – इतिहास और कला का खजाना
चंद्रशेखर आज़ाद पार्क के अंदर स्थित यह संग्रहालय प्रयागराज के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है।
यहाँ प्राचीन मूर्तियाँ, सिक्के, चित्रकला और आज़ादी के आंदोलन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज़ देखे जा सकते हैं।
🌿 5. खुसरो बाग – मुगलकालीन बगीचा और मकबरे
यह खूबसूरत मुगल गार्डन शाहज़ादा खुसरो (जहाँगीर के पुत्र) और उनके परिवार की कब्रों के लिए प्रसिद्ध है।
यहाँ की स्थापत्य कला और शांत वातावरण फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है।
समय: 7 AM – 7 PM
प्रवेश शुल्क: नि:शुल्क
🕉️ 6. हनुमान मंदिर – त्रिवेणी संगम के पास
यह मंदिर लेटे हुए भगवान हनुमान जी की मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है।
मान्यता है कि मानसून के समय गंगा जल खुद-ब-खुद मूर्ति को स्पर्श करता है।
यहाँ रोज़ाना हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
🌅 7. सरस्वती घाट – गंगा आरती और शांति का स्थल
सरस्वती घाट त्रिवेणी संगम के नज़दीक स्थित एक सुंदर नदी तट है।
यहाँ शाम की गंगा आरती अत्यंत मनमोहक होती है।
यह स्थान फोटोग्राफी और आत्मिक शांति के लिए आदर्श है।

🌳 8. चंद्रशेखर आज़ाद पार्क (अल्फ्रेड पार्क)
133 एकड़ में फैला यह पार्क प्रयागराज का सबसे बड़ा पार्क है।
यही वह स्थान है जहाँ चंद्रशेखर आज़ाद ने ब्रिटिश पुलिस से लड़ते हुए अपनी जान दी थी।
आज यहाँ उनका स्मारक भी बनाया गया है।
⛪ 9. ऑल सेंट्स कैथेड्रल (पत्थर गिरजा)
19वीं सदी में बनी यह चर्च अपनी गॉथिक स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है।
इसकी रंगीन कांच की खिड़कियाँ और ऊँची मेहराबें इसे यूरोपीय स्थापत्य का एक अद्भुत उदाहरण बनाती हैं।
🛍️ 10. सिविल लाइंस – शॉपिंग और स्थानीय फूड
अगर आप खरीदारी और खाने-पीने के शौकीन हैं, तो सिविल लाइंस आपके लिए परफेक्ट जगह है।
यहाँ स्ट्रीट फूड से लेकर मॉडर्न कैफे तक सब कुछ मिलेगा।
जरूर चखें – इलाहाबादी तहरी, रबड़ी, और लस्सी।
🌉 11. न्यू यमुना ब्रिज – आधुनिक सुंदरता
न्यू यमुना ब्रिज प्रयागराज का आधुनिक आकर्षण है।
यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य और संगम का पैनोरमिक व्यू देखने लायक होता है।
रात में यह पुल रोशनी से जगमगाता है।

🌞 प्रयागराज में करने लायक चीज़ें (Things to Do in Prayagraj)
- त्रिवेणी संगम में नाव की सवारी
- सरस्वती घाट पर शाम की आरती
- आनंद भवन का भ्रमण
- खुसरो बाग में हेरिटेज वॉक
- सिविल लाइंस में शॉपिंग और फूड टूर
- यमुना ब्रिज से फोटोग्राफी
🏨 प्रयागराज में रहने की जगहें
बजट होटल्स: होटल पोलो मैक्स, होटल प्रयाग इन
मिड-रेंज: होटल कान्हा श्याम, होटल मिलन पैलेस
लक्ज़री: द लेजेंड होटल, होटल प्लेसिड
🚗 प्रयागराज कैसे पहुंचे
- हवाई मार्ग से: प्रयागराज एयरपोर्ट (शहर से 12 किमी दूर)
- रेलमार्ग से: प्रयागराज जंक्शन, नैनी, चौकी स्टेशन
- सड़क मार्ग से: वाराणसी, लखनऊ, कानपुर से सीधा नेशनल हाईवे कनेक्शन
🙏 निष्कर्ष
प्रयागराज सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम है।
चाहे आप धार्मिक यात्रा पर हों, या भारत के ऐतिहासिक स्थलों की खोज में, प्रयागराज हर किसी के दिल में अपनी एक अमिट छाप छोड़ देता है।

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