परिचय : प्रेम मंदिर क्या है?
प्रेम मंदिर (Prem Mandir) जिसे “Temple of Divine Love” भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में स्थित एक भव्य मंदिर है। यह मंदिर श्री राधा-कृष्ण और सीता-राम को समर्पित है। इसका प्रबंधन जगद्गुरु कृपालु परिषद (Jagadguru Kripalu Parishat) द्वारा किया जाता है।
लगभग 54-55 एकड़ में फैला यह मंदिर अपने दिव्य माहौल, सफेद संगमरमर की अद्भुत कारीगरी, शाम के समय जगमगाते प्रकाश, संगीतमय फव्वारों और कृष्ण लीला की झलक दिखाती कलात्मक मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।
प्रेम मंदिर का इतिहास
प्रेरणा और स्थापना
- प्रेम मंदिर की परिकल्पना जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा की गई थी।
- 1946 में, मात्र 24 वर्ष की आयु में, उन्होंने यह संकल्प लिया था कि एक भव्य मंदिर वृंदावन में बनाया जाएगा जो “दिव्य प्रेम” का प्रतीक होगा।

आनन्दो ब्रह्मेति व्यजानात् !
निर्माण
- शिलान्यास: 14 जनवरी 2001 (मकर संक्रांति के दिन)।
- निर्माण अवधि: लगभग 11–12 वर्षों तक चला, जिसमें लगभग 1000 से अधिक शिल्पकारों ने कार्य किया।
- उद्घाटन: 17 फरवरी 2012 को भव्य समारोह के साथ जनता के लिए खोला गया।
महत्व
- यह मंदिर भक्ति और प्रेम की भावना का प्रतीक है।
- यहां श्री राधा-कृष्ण और सीता-राम की मूर्तियाँ स्थापित हैं।
- मंदिर परिसर में भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का चित्रण देखने को मिलता है, जैसे – गोवर्धन लीला, कालिय नाग दमन, झूला लीला, रास लीला इत्यादि।

वास्तुकला और विशेषताएँ
- पूरा मंदिर इटैलियन सफेद संगमरमर से बना हुआ है।
- मंदिर की ऊँचाई लगभग 125 फीट, लंबाई 190 फीट और चौड़ाई 128 फीट है।
- भूतल पर राधा-कृष्ण की प्रतिमाएँ और प्रथम तल पर सीता-राम की प्रतिमाएँ विराजमान हैं।
- चारों ओर खूबसूरत बगीचे, फव्वारे और लाइटिंग सिस्टम है।
- रात में होने वाला संगीतमय फव्वारा शो (Musical Fountain Show) विशेष आकर्षण है।
प्रेम मंदिर यात्रा गाइड
मंदिर के दर्शन समय
| समय | विवरण |
|---|---|
| सुबह | प्रातः 5:30 बजे से 6:30 बजे तक और फिर 8:30 बजे से 12:30 बजे तक |
| शाम | 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक |
👉 प्रवेश निःशुल्क है।
प्रेम मंदिर कैसे पहुँचे?
हवाई मार्ग से
- निकटतम हवाई अड्डा: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली (लगभग 150–160 किमी)।
रेल मार्ग से
- निकटतम रेलवे स्टेशन: मथुरा जंक्शन, जहां से वृंदावन आसानी से पहुँचा जा सकता है।
सड़क मार्ग से
- दिल्ली, आगरा और मथुरा से सड़क मार्ग द्वारा सीधी बस/टैक्सी सुविधा उपलब्ध है।
घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च प्रेम मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय है।
- गर्मियों (अप्रैल-मई) में अत्यधिक गर्मी और बरसात (जुलाई-अगस्त) में भारी भीड़/पानी की समस्या हो सकती है।
- जन्माष्टमी और राधाष्टमी के समय मंदिर विशेष रूप से सुंदर सजाया जाता है, लेकिन भीड़ अधिक रहती है।
प्रेम मंदिर में क्या देखें?
- मुख्य गर्भगृह दर्शन – राधा-कृष्ण और सीता-राम।
- कृष्ण लीला पैनल्स – मंदिर की परिक्रमा करते समय विभिन्न लीलाओं के दृश्य।
- बगीचे और फव्वारे – शांत वातावरण और फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन।
- संध्या का लाइट एंड साउंड शो – यह सबसे आकर्षक अनुभव है।
- त्योहारों पर विशेष आयोजन – जन्माष्टमी, राधाष्टमी आदि पर विशेष भक्ति कार्यक्रम होते हैं।
यात्रा सुझाव
- सादे और शालीन वस्त्र पहनें।
- मंदिर के गर्भगृह में जूते-चप्पल न पहनें।
- सुबह के समय दर्शन अपेक्षाकृत शांत होते हैं।
- शाम को लाइट शो और फव्वारे देखने का अवसर न चूकें।
- भीड़भाड़ के समय बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें।
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Prem Mandir HD Photos








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