बरसाना : श्री जी मंदिर एवं अन्य प्रमुख मंदिर

बरसाना : श्री जी मंदिर एवं अन्य प्रमुख मंदिर

बरसाना क्या है?

बरसाना (Barsana) उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले में स्थित एक पवित्र तीर्थस्थल है। यह स्थान श्री राधारानी (राधा जी) का जन्मस्थान और नित्य निवास माना जाता है। पूरे ब्रज क्षेत्र (मथुरा–वृंदावन) में बरसाना का महत्व सबसे विशेष है क्योंकि यहाँ राधा–कृष्ण की लीलाएँ घटित हुईं।


बरसाना क्यों प्रसिद्ध है?

  • राधारानी का जन्मस्थान – माना जाता है कि बरसाना वही स्थान है जहाँ राधा जी का प्राकट्य हुआ।
  • राधा–कृष्ण की लीलाएँ – यहाँ की गलियाँ और कुंड राधा–कृष्ण की दिव्य लीलाओं से जुड़ी हैं।
  • लठमार होली – बरसाना की लठमार होली विश्वभर में प्रसिद्ध है, जिसे देखने हज़ारों श्रद्धालु और विदेशी पर्यटक आते हैं।
  • श्रीजी मंदिर – राधारानी का भव्य मंदिर (श्रीजी मंदिर) बरसाना का प्रमुख आकर्षण है।

बरसाना क्यों जाना चाहिए?

  1. आध्यात्मिक अनुभव के लिए – यह स्थान मन और आत्मा को शांति देता है।
  2. होली उत्सव के लिए – बरसाना की अनोखी लठमार होली का अनुभव केवल यहीं मिल सकता है।
  3. ब्रज संस्कृति को जानने के लिए – लोकगीत, रसिया, परंपराएँ और भक्ति रस का अद्भुत संगम है।
  4. धार्मिक महत्व – राधा–कृष्ण की लीलाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराने वाला स्थल है।

बरसाना में घूमने योग्य प्रमुख स्थान

1. श्रीजी मंदिर (राधारानी मंदिर)

बरसाना की सबसे ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर राधारानी को समर्पित है।

2. रंगीली गली

यह वही गली है जहाँ राधा–कृष्ण ने रास और लीलाएँ कीं।

3. कृष्ण कुंड

एक पवित्र सरोवर, जहाँ कृष्ण–राधा की कथाएँ जुड़ी हुई हैं।

4. मान मंदिर

यहाँ राधा–कृष्ण की ‘मान–लीला’ से जुड़ी कथाएँ प्रचलित हैं।

5. लीलास्थलियाँ

बरसाना की गलियों और कुंडों में अनेक लीलास्थलियाँ हैं, जिन्हें भक्त विशेष रूप से देखते हैं।

thebachchantop
thebachchantop
kirti mandir barsana
shri ji barsana
shri kushal bihari ji mandir barsana
kirti mandir barsana
kirti mandir barsana light view at night

बरसाना यात्रा गाइड

बरसाना कहाँ है?

  • स्थान: मथुरा ज़िला, उत्तर प्रदेश
  • दूरी: मथुरा से लगभग 45 किमी, वृंदावन से लगभग 50 किमी, और दिल्ली से लगभग 150 किमी।

बरसाना कैसे पहुँचे?

  • रेल से – मथुरा जंक्शन नज़दीकी रेलवे स्टेशन है।
  • हवाई मार्ग से – निकटतम एयरपोर्ट आगरा और दिल्ली हैं।
  • सड़क मार्ग से – बस और टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

बरसाना जाने का सबसे अच्छा समय

  • फरवरी–मार्च (होली का समय) – लठमार होली के लिए।
  • सालभर – राधा अष्टमी और जन्माष्टमी के पर्व पर विशेष आकर्षण रहता है।

बरसाना से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)

बरसाना क्यों जाना चाहिए?

यह राधारानी का जन्मस्थान है और यहाँ की भक्ति एवं संस्कृति अद्वितीय है।

बरसाना किसके लिए प्रसिद्ध है?

बरसाना मुख्यतः राधारानी के मंदिर और लठमार होली के लिए प्रसिद्ध है।

बरसाना घूमने में कितना समय लगता है?

एक दिन में मुख्य मंदिर और लीलास्थल देखे जा सकते हैं, लेकिन ब्रज का पूरा अनुभव लेने के लिए 2–3 दिन पर्याप्त हैं।

बरसाना में कहाँ ठहरें?

बरसाना और मथुरा–वृंदावन में कई धर्मशालाएँ, आश्रम और होटल उपलब्ध हैं।

बरसाना जाने का सही समय कौन सा है?

होली और राधा अष्टमी पर बरसाना विशेष रूप से जीवंत होता है।


निष्कर्ष

बरसाना सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आनंद का अद्भुत अनुभव है। यहाँ हर गली और हर धरोहर राधा–कृष्ण की लीलाओं की गवाही देती है। अगर आप ब्रज की आत्मा को महसूस करना चाहते हैं, तो बरसाना की यात्रा ज़रूर करें।


👉 आप भी यह पढ़ें:

thebachchantop

Best Places to Visit in Prayagraj – Complete Travel Guide

Prayagraj (formerly Allahabad) — one of India’s most ancient and spiritually powerful cities — is where history, faith, and culture meet the sacred waters of the Ganga, Yamuna, and the mythical Saraswati. Known for the Kumbh Mela, Triveni Sangam, and heritage architecture, Prayagraj is not just a religious destination but…

Keep reading

दिवाली में अयोध्या की यात्रा

इस दिवाली अयोध्या की पवित्र यात्रा करें — जानें श्रीराम के वनवास से लौटने की कहानी, दीपोत्सव का महत्व, प्रमुख मंदिर, पहुँचने के मार्ग और रहने की व्यवस्था।

Keep reading

Something went wrong. Please refresh the page and/or try again.

Leave a comment